जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी करने के लिए अब राशन की दुकानों का लिया जाएगा सहारा

 जन आरोग्य योजना  के तहत आयुष्मान गोल्डन कार्ड  जारी करने के लिए अब राशन की दुकानों का लिया जाएगा सहारा 



बांदा संवाददाता। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह ने कहा कि  संबंधित अधिकारी  आपस में समन्वय बनाकर के ग्राम स्तर पर  कार्यक्रम आयोजित करें  और पात्रों के आवेदन जमा करवाए जाएं टीम के लिए सारी व्यवस्थाएं मेज कुर्सी  नेट  आदि की व्यवस्था कोटेदार करेंगे जिसकी शुरुआत तिंदवारी क्षेत्र के निवाइच गांव में कोटे की दुकान से इसका आगाज हुआ है।

पूरे मंडल में गोल्डन कार्ड की प्रगति अधिकांश जिलों में बेहद फिसड्डी है। जालौन और चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में अब तक औसतन मात्र 36 फीसदी ही कार्ड बन पाए हैं।इन जिलों में 20 लाख से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य है, लेकिन अभी बमुश्किल 7.32 लाख ही कार्ड जारी हो सके हैं। पांचों जनपदों बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट और जालौन में सरकारी राशन की 3058 दुकानें हैं। इन सभी में कार्ड आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई तो प्रगति सुधर सकती है। बांदा जिले में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में जनपद में फिलहाल 1,38,516 परिवार इसमें पात्र पाए गए हैं। इनके बीच 6,92,500 कार्ड जारी होना है। अब तक 1,21000 परिवारों के 3,84000 गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। बड़ी तादाद में अभी भी पात्रों को यह कार्ड नहीं मिल पाए हैं।

इसके मद्देनजर अब शासन ने राशन की दुकानों में भी टीमों के जरिए गोल्डन कार्ड आवेदन प्रक्रिया शुरू कराई है। डीएम आनंद कुमार सिंह ने सीएमओ समेत उपायुक्त एनआरएलएम, जिला पूर्ति अधिकारी और बीडीओ को भेजे आदेशों में कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत चिह्नित परिवारों के प्रत्येक सदस्य का गोल्डन कार्ड बनाया जाना है, लेकिन अभी कार्ड बनाने की प्रगति बेहद धीमी है। निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग आपस में समन्वय बनाकर प्रत्येक ग्राम सभा में राशन की दुकानों में गोल्डन कार्ड बनाने के शिविर आयोजित करें। ताकि शत-प्रतिशत गोल्डन कार्ड बनाए जा सके। कार्ड आवेदन टीम के लिए कुर्सी, मेज, कंप्यूटर, नेट आदि की व्यवस्था कोटेदार करेंगे। जिला पूर्ति अधिकारी राजीव तिवारी ने बताया कि कार्ड आवेदन में नेट की समस्या आ रही है। साथ ही बड़ी संख्या में चिह्नित ग्रामीण रोजगार के लिए महानगरों को चले गए हैं।

बांदा जिले में कुल 776 राशन की दुकानें हैं। इन सभी में गोल्डन कार्ड आवेदन की सुविधा लागू होगी। दुकानों की ब्लॉकवार संख्या में बड़ोखर ब्लॉक में 185, कमासिन में 150, महुआ में 45, नरैनी में 135, बिसंडा में 140, बबेरू में 160, जसपुरा में 45 और तिंदवारी में 116 राशन की दुकानें हैं।

आयुष्मान योजना में गोल्डन कार्डधारक परिवार के हर सदस्य को पांच लाख रुपये तक खर्च का इलाज मुफ्त मिलता है। इस योजना का लाभ चयनित अस्पतालों में ही दिया जाता है। इसमें कई निजी अस्पताल शामिल हैं। हालांकि, अक्सर शिकायतें आम हैं कि कार्डधारकों को योजना की गाइडलाइन के मुताबिक इलाज नहीं मिल पा रहा। चित्रकूटधाम मंडल के चार जिला अस्पतालों सहित 19 सीएचसी और 30 पीएचसी में गोल्डन कार्ड बनाने का काम चल रहा है। योजना में चयनित किए गए निजी अस्पतालों में बांदा में 2 और हमीरपुर में 3 अस्पताल हैं।

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