यूनिसेफ का अनुमान था कि कोरोना को वैश्विक महामारी घोषित किए जाने के 9 से 10 महीने बाद भारत में 20 करोड बच्चे पैदा हो सकते हैं

 यूनिसेफ का अनुमान था कि कोरोना को वैश्विक महामारी घोषित किए जाने के 9 से 10 महीने बाद भारत में 20 करोड बच्चे पैदा हो सकते हैं



न्यूज़।कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए हालातों में महिलाओं को गर्भपात करने पर विवश किया है। दुनिया भर में दिखे ट्रेन के हवाले से विशेषज्ञों ने दावा किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोनावायरस पर नियंत्रण के लिए पिछले एक साल के दौरान दुनिया भर के देशों में अलग-अलग समय पर तालाबंदी की गई, ऐसे में पूरी संभावना है कि ज्यादा महिलाओं ने गर्भधारण किया होगा पर उसके अनुरूप ज्यादा बच्चे पैदा नहीं हो रहे हैं। यह बताता है कि महिलाओं को संस्थागत या गैर संस्थागत तरीके से गर्भपात कराना पड़ा है, जिसके कारण आर्थिक तंगी, नौकरी छूट जाना वह अनचाहा गर्भ आदि हो सकता है। गर्भपात की स्थिति महिलाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालती है। यूनिसेफ ने अनुमान लगाया था कि 11 मार्च, 2020 को कोविड-19 को वैश्विक महामारी घोषित किए जाने के 9 से 10 महीने बाद भारत में 20 करोड बच्चे पैदा हो सकते हैं, जो दुनिया में सर्वाधिक होगा। पिछले साल बाद तक में कितने बच्चे पैदा हुए इस पर अभी वैश्विक निकाय अथवा सरकार की ओर से कोई आंकड़ा सामने नहीं आया है। पर प्रसूति चिकित्सक इससे विपरीत स्थिति होने का दावा कर रहे हैं।

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