उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के संस्थापक ने गाजीपुर व्यापार मंडल का किया गठन

 उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के संस्थापक ने गाजीपुर व्यापार मंडल का किया गठन



फतेहपुर।गाजीपुर व्यापार मण्डल का गठन उद्योग व्यापार मण्डल उत्तर प्रदेश के संस्थापकअध्यक्ष किशन मेहरोत्रा ने संगठन की श्रंखला को  विस्तारित करते,गाजीपुर व्यापार मण्डल का गठन किया, ,अध्यक्ष पद पर रवि सोनी,महामंत्री शिव प्रताप सिंह कछवाह,कोषाध्यक्ष कुशल पाण्डेय,प्रवक्ता राजेश सिंह कछवाह,मीडिया प्रभारी दीपक मिश्रा,उपाध्यक्ष जुल्फिकार,गिरीश कुमार,लखन गोस्वामी,सधोले सिंह,प्रभाकर पाण्डेय,मंत्री कमल सोनी,उमादत्त मौर्य,अविनाश पाण्डेय,निर्भय सिंह,संगठनमंत्री,अकील अहमद,राजा सोनी,संरक्षक मोo अफसार को पुष्पहार पहनाकर पद दायित्व निष्ठा की शपथ दिलाते मनोनीत किया,संस्थापक अध्यक्ष किशन मेहरोत्रा ने कहा व्यापारियों को अधिकारों के प्रति जागरूक करना,वंचित शोषित व्यापारियों का सहयोग करना,उन्हें अधिकार दिलाना,व रेहड़ी पटरी फुटपाथ के निर्धन व्यापारियों का साथ देना संगठन की प्रथम प्राथमिकता है,नवनियुक्त अध्यक्ष रवि सोनी ने कहा,संगठन एकजुट होकर व्यापारी शोषण पर लगाम लगायेगा,हितों एवम मान सम्मान की रक्षा करेगा,कस्बे का विकास व व्यापारियों ग्राहकों राहगीरों महिलाओ हेतु प्रसाधन सुविधा का आवंटन प्राथमिकता से करवाएगा,महामंत्री शिव प्रसाद सिंह कछवाह ने कहा कस्बा गाजीपुर में  संगठन का सदस्यताअभियान चलाकर समस्त व्यापारियों को संगठन का सदस्य बनाया जाएगा,प्रथम चरण में तीन सौ व्यापारियों को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है,अवसर पर अनिल वर्मा,मनोज कुमार मिश्रा,मनोज साहू,कृष्ण कुमार तिवारी चन्द्र प्रकाश बब्लू मोo इरफान अध्यक्ष शाह उपस्थित रहे।

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अब बुजुर्गों और माता पिता की देखभाल के लिए मिलेगा 10 हजार रुपये, मोदी सरकार बदलेगी नियम न्यूज़।माता-पिता और बुजुर्गों की देखरेख के लिए अब केंद्र सरकार नया नियम लाने जा रही है. दरअसल, मेंटनेंस और वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 पर मानसून सत्र में फैसला लिया जा सकता है. बता दें कि सोमवार से ही मानसून सत्र शुरू हो चुका है। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन (अमेंडमेंट) बिल 2019 केंद्र सरकार के एजेंडा में काफी समय से था. मानसून सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार इस बिल को लेना चाहती है. दिसंबर 2019 में पास कर दिया गया था ये नियम। वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में पास कर दिया था। इस बिल का मकसद लोगों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों को छोड़ने से रोकना है। विधेयक में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी जरूरतों, सुरक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ उनके भरण-पोषण और कल्याण का प्रावधान बनाया गया है। देश में कोविड-19 महामारी की दो विनाशकारी लहरों के मद्देनज़र आने वाला यह विधेयक मौजूदा सत्र में संसद द्वारा पास होने पर वरिष्ठ नागरिकों और अभिभावकों को अधिक पावर देगा. इस बिल को संसद में लाने से पहले कई बदलाव किये गये हैं. जानें इस नियम से संबंधित अहम जानकारी- वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स और सीनियर सिटिजन बिल कैबिनेट ने दिसंबर 2019 में बच्चों का दायरा बढ़ाया गया है। इसमें बच्चे, पोतों (इसमें 18 साल से कम को शामिल नहीं किया गया है) को शामिल किया गया है. इस बिल में सौतेले बच्चे, गोद लिये बच्चे और नाबालिग बच्चों के कानूनी अभिभावकों को भी शामिल किया गया है। अगर ये बिल कानून बन जाता है तो 10,000 रुपये पेरेंट्स को मेंटेनेंस के तौर पर देने होंगे. सरकार ने स्टैंडर्ड ऑफ लिविंग और पेरेंट्स की आय को ध्यान में रखते हुए, ये अमाउंट तय किया है। कानून में बायोलिजकल बच्चे, गोद लिये बच्चे और सौतेले माता पिता को भी शामिल किया गया है। मेंटेनेस का पैसा देने का समय भी 30 दिन से घटाकर 15 दिन कर दिया गया है।
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