अमेज़ॉन के संस्थापक जेफ बेजोस ने अंतरिक्ष से वापस आने के बाद ग्राहकों और कर्मचारियों का शुक्रिया अदा किया

 अमेज़ॉन के संस्थापक जेफ बेजोस ने अंतरिक्ष से वापस आने के बाद ग्राहकों और कर्मचारियों का शुक्रिया अदा किया



न्यूज़।बेजोस के सपनों को साकार करने वाली यह उड़ान 2015 से न्यू शेपर्ड रॉकेट द्वारा अंतरिक्ष की 15 सफल परीक्षण उड़ानों के बाद हुई है। पूर्व की परीक्षण उड़ानों में हालांकि कोई यात्री नहीं गया था।

अमेजॉन के संस्थापक जेफ बेजोस ने अपने रॉकेट से अंतरिक्ष की यात्रा कर इतिहास रच दिया है. दस मिनट की उड़ान के बाद रेगिस्तान में कैप्सूल के जरिए लौटे बेजोस ने इसे 'अब तक का सबसे बेहतरीन दिन' बताया। साथ ही बेजोस ने अपनी इस सफलता के लिए अपनी कंपनी के कर्मचारियों और ग्राहकों का धन्यवाद कहा है।

जेफ बेजोस ने कहा, "मैं अमेजॉन के हर एक कर्मचारी और हर एक अमेजॉन ग्राहक को धन्यवाद देना चाहता हूं, क्योंकि आप लोगों ने इस सब के लिए भुगतान किया है

अमेजॉन के ग्राहकों के पैसों से बेजोस की अंतरिक्ष उड़ान का भुगतान किया गया, कर्मचारियों ने थोड़ा अलग तरीके से भुगतान किया।"

इस साल दो और उड़ान अंतरिक्ष के लिए होगी।

बेजोस ने अमेजन के सिएटल मुख्यालय के पास केंट, वॉशिंगटन में 2000 में 'ब्लू ओरिजिन' की स्थापना की थी। 'ब्लू ओरिजिन' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बॉब स्मिथ ने कहा है कि इस साल के अंत तक कंपनी की दो और उड़ान अंतरिक्ष के लिए होगी। ब्रैनसन द्वारा 2004 में शुरू 'वर्जिन गैलेक्टिक' के यान से यात्रा करने के लिए 600 लोग पहले से कतार में हैं।

बेजोस अपने भाई, नीदरलैंड्स के रहने वाले 18 वर्षीय युवक और टेक्सास की रहने वाली 82 वर्षीय महिला पायलट के साथ अंतरिक्ष यात्रा पर गए थे। इस यात्रा में बेजोस के साथ अंतरिक्ष जाने वाले सबसे युवा और सबसे बुजुर्ग शख्स थे. 'ब्लू ओरिजिन' और अमेजन के संस्थापक बेजोस दूसरे अरबपति हैं जो अपने ही रॉकेट से अंतरिक्ष की यात्रा पर गए।

अमेरिका के पहले अंतरिक्ष यात्री एलन बी शेपर्ड के नाम पर 'ब्लू ओरिजिन' के न्यू शेपर्ड रॉकेट ने अपोलो 11 के चांद पर उतरने की 52वीं वर्षगांठ पर यात्रियों के साथ उड़ान भरी। बेजोस से नौ दिन पहले 'वर्जिन गैलेक्टिक' के रिचर्ड ब्रैनसन अंतरिक्ष गए थे। रिचर्ड ब्रैनसन 11 जुलाई को अंतरिक्ष में जितनी ऊंचाई पर पहुंचे थे, उससे 10 मील (16 किलोमीटर) अधिक ऊंचाई 66 मील (106 किलोमीटर) पर ब्लू ओरिजिन का यान पहुंचा।