खुली सरकारी दावों की पोल, गड्ढे में तब्दील हुई ,बाँदा- बिसंडा सड़क मार्ग

 खुली सरकारी दावों की पोल, गड्ढे में तब्दील हुई ,बाँदा- बिसंडा सड़क मार्ग




संवाददाता बाँदा :- गढ्ढों में तब्दील बांदा- सिंहपुर मार्ग लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। कई बार मरम्मत भी हुई लेकिन चंद दिनों में ही रास्ते की हालत खराब हो जाती है। इन दिनों बारिश के चलते सड़क पर दोपहिया वाहन से निकलना तक दूभर है।

आपको बता दे कि बारिश के दिनों में बांदा- बिसंडा मार्ग में ग्रामीणों को काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है। विधानसभा अध्यक्ष अरुण कुमार पटेल(अपना दल एस बबेरु )का आरोप है कि कई किलोमीटर के खराब मार्ग पर आए दिन लोग गिरकर घायल हो जाते हैं। पटेल जी का कहना है कि कई बार यह मार्ग बना लेकिन कुछ दिन बाद गड्डे हो जाते हैं। आरोप है कि बनाते समय मानक और गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जाता है। यही वजह है कि कुछ दिन में ही सड़क ध्वस्त हो जाती है।

सरकार ने कच्चे रास्तों को पक्का करने की बहुत सी घोषणाएं की हुई हैं, जिन पर विभागीय अधिकारी काम करने का दावा करते हैं। लेकिन, जो सड़कें पहले से ही पक्की हैं और गड्ढों में तब्दील हो रही है उनकी तरफ न तो सरकार के नुमाइंदों व जनप्रतिनिधियों का ध्यान जा रहा है और न ही विभाग के कार्यालयों में बैठे उच्च अधिकारियों का।

सड़कों की मरम्मत के लिए प्रति वर्ष लाखों रुपये का बजट विभागों में आता है। सड़कों की हालत को देखकर ऐसा लगता है यह बजट मात्र फाइलों में ही पूरा हो रहा है तथा सरकार का गड्ढा मुक्त सड़कों का अभियान भी दम तोड़ता हुआ नजर आ रहा है। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के चलते बाँदा - बिसंडा रोड पर गड्ढों में तब्दील होता दिखाई दे रहा है। गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को जान का जोखिम बना रहता है।

यह सड़क बाँदा शहर को बिसंडा - ओरन से होते हुए सिंहपुर - पहाड़ी (चित्रकूट) व राजापुर - प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ती है। सड़क पर गड्ढे होने के चलते वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं। इस रोड में अधिक गढ्ढे होने के कारण दो वाहनों का एक साथ निकलना दुर्घटना को न्यौता देना जैसा ही है। विभागीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि उक्त सड़क के गड्ढे को भरवाने की जहमत तक नहीं उठा रहे हैं।

अपना दल एस पार्टी बबेरु के विधानसभा अध्यक्ष अरुण कुमार पटेल ने बताया कि इस रोड से रोजाना सैकड़ों हल्के व भारी वाहन गुजरते हैं। सड़क पर गड्ढे व्याप्त होने के कारण दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। विभाग में सड़कों की मरम्मत के नाम से जो पैसा आता है उसकी भी जांच विभाग के मंत्री से शिकायत करेगे ।