दो वर्ष पूर्व बकेवर कस्बे से किशोर के अपहरण में पुलिस का खेल,दोहरे हत्याकांड के बाद उजागर


 दो वर्ष पूर्व बकेवर कस्बे से किशोर के अपहरण में पुलिस का खेल,दोहरे हत्याकांड के बाद उजागर



बिदकी फतेहपुर।दो वर्ष पूर्व बकेवर कस्बे से एक किशोर के हुए अपहरण कांड में बकेवर पुलिस द्वारा किए गए खेल का ही  गत सप्ताह कस्बे में हुई दो हत्याओं का ही परिणाम है। पिछले दो वर्षों से अपहरण के सबूतों के वावजूद अपहरणकर्ता युवक को साफ सुथरा शाकाहारी बता कर जिले और प्रदेश के आला-अधिकारियों व मुख्यमंत्री मंत्री कार्यालय को गुमराह करने वाली बकेवर पुलिस के खेल का ही नतीजा है कि नशेबाज अपराधिक गतिविधियों का मास्टरमाइंड ऋषि उर्फ भरोसे व उसके चाचा जोगिंदर ने दलित की हत्या कर दिया।इसी दौरान मारपीट में ऋषि उर्फ भरोसे की भी मौत हो गई। पुलिस ने अपहरण काण्ड में किए गए खेल पर पर्दा डालने के लिए मारपीट में मृत ऋषि उर्फ भरोसे को इस हत्याकांड से दौरा आने से जीने में गिर जाने से मौत की कहानी गढ़ कर बिना पोस्टमार्टम कराए परिजनों से आनन-फानन अंतिम संस्कार करा कर क्लीन चिट दे दिया।जब की उसके चाचा जोगिंदर को नामजद अभियुक्त होने की मजबूरी में दफा 304 व हरिजन उत्पीड़न एक्ट में दो दिन पूर्व गिरफ्तारी दिखाकर न्यायालय में पेश कर दिया।

बंताया गया है कि खेल में माहिर बकेवर पुलिस ने दलित अशोक व  इसी हत्याकांड में मुख्य भूमिका निभाने वाले ऋषि उर्फ भरोसे की मौत हो जाने की पुष्टि होजाने के बाद भरोसे के चाचा जोगिंदर जो कि हत्याकांड का नामजद अभियुक्त को पकड़ने के बाद खेल के तहत छोड़ दिया।जिसे दो दिन बाद अपनी किरकिरी होते देख गिरफ्तार कर जेल भेजा। पुलिस ने पकड़ने के बाद छोड़ने का कारण ज्यादा नशे में होने की बात बताई।

इस घटनाक्रम के पूर्व जो बकेवर पुलिस ऋषि उर्फ भरोसे व उसके चाचा जोगिंदर को नशेबाज न होने की क्लीन चिट देने से नहीं थकती थी उसी थाने की पुलिस नशे में चूर होने की बात कह रही। अपहरणकांड के दो‌वर्ष बीत जाने के दौरान पुलिस यही कह कर आला-अधिकारियों व मुख्यमंत्री कार्यालय को गुमराह करती रही और खेल के कारण सीसीटीवी कैमरे के फुटेज मिलने और होटल संचालकों के बयानों को दरकिनार कर ऋषि उर्फ भरोसे को क्लीन चिट देती रही और खेल के साथ पिछले दो वर्षों से लगातार पुलिस उसके बाजार ठेकेदार पिता रमाकांत से मेस की सब्जी व फलों की उगाही करती आ रही है। 

लोगों का मानना है कि अगर पुलिस ने कस्बे से अपहृत किशोर हर्षित उर्फ कल्लू के मामले में खेल न करती तो ऋषि उर्फ भरोसे व उसके चाचा जोगिंदर का मनोबल दूसरी दर्दनाक घटना को अंजाम देते।

जानकारी के मुताबिक ऋषि उर्फ भरोसे चौबीसों घंटे ड्रग लेने का आदी था और एक शातिर किस्म का चोर व अपराधिक प्रवृत्ति का था। कस्बे में ही उस कई बार चोरी करते पकड़ा गया लेकिन हर बार पुलिस के खेल ने बरी कर दिया और नशेबाज से दोस्ताना रिश्ता बना लिया। इसी कार्यप्रणाली ने उसके अपराधिक प्रवृत्ति का हौसला अफजाई किया और जुआ व नशा की लतों ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया जिससे मारपीट में घायल होकर उसकी भी मौत हो गई।