जनपद मे शहद रुपी अमृत की हो वर्षा कृषि विज्ञान केन्द्र थरियाव का अभियान:डा० जगदीश किशोर

 जनपद मे शहद रुपी अमृत की हो वर्षा कृषि विज्ञान केन्द्र  थरियाव का अभियान:डा० जगदीश किशोर 



फतेहपुर।कृषि विज्ञान केन्द्र थरियाव द्वारा जनपद मे शहद उत्पादन प्रारम्भ हो और एक व्यवसाय के रुप मे  विकसित हो विकास खण्ड एराया, बहुआ , हसवा , तिलयानी के कृषको को मधुमक्खी पालन का सात दिवसीय प्रशिक्षण  कार्यक्रम मे  छ्ठवे  दिन  का प्रशिक्षण मे डा० साधना वैश ने बताया कि  किस फसल के फूल मे शहद की गुणवत्ता कैसी होती है पर फसलवार जानकारी दी । डा० जितेन्द्र सिंह ने कहा कि मधुमक्खी पालन से फसल का  उत्पादन 20 प्रतिशत बढ़ जाता है और 3 किमी० दूरी तक की फसल से शहद लाकर किसानो की आय दुगना  करने मे सहयोग करती है। मधुमक्खी पालन को क्लस्टर मे किस प्रकार फसल उत्पादन की योजना बनाये पर विस्तृत जानकारी दी ।  डा० विजय किशोर उद्यान विभाग ने बताया कि मधुमक्खी पालन की समस्त विधाओ , बाक्स बनाने एवं  मधुमक्खियो के पालन पर विस्तृत जानकारी दी। डा नौशाद आलम ने बताया कि मधुमक्खी पालन हेतु  जैविक फसल उत्पादन करना ज्यादा फायदेमंद है जैविक फसल उत्पादन की विधाओ पर चर्चा की ।

डा० जगदीश किशोर  कोर्स समन्वयक / वैज्ञानिक फसल सुरक्षा ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी प्रतिभागी  जो जानकारी प्राप्त की है उसका प्रयोग कर तथा नियमित कृषि विज्ञान केन्द्र से जुडे रहकर आयपरक बनाये । एसे प्रशिक्षण आगामी माह मे भी आयोजित कराये  जायेगे ।