2022 में सभी अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों में मिलेगी प्रसव की सुविधा

 2022 में सभी अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों में मिलेगी प्रसव की सुविधा 



अप्रैल 2021 से अब तक हुये 19343 संस्थागत प्रसव 


जिला महिला चिकित्सा व बिंदकी सीएचसी में सीजेरियन की सुविधा


फतेहपुर। जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत जिले में प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव की सुविधा उपलब्ध है।सीएमओ डॉ राजेंद्र सिंह का कहना है कि तय योजना के मुताबिक वर्ष 2022 में सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी प्रसव की सुविधा शुरू हो जाएगी।

जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत जिले में वर्ष 2019-20 में 34531 संस्थागत प्रसव कराये गये। इसी प्रकार वर्ष 2020-21 में 35599 संस्थागत प्रसव कराये गये। वहीं 2021-22  में अक्टूबर माह तक जिला महिला चिकित्सालय, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 19343 प्रसव हुये। जिला महिला चिकित्सालय, बिंदकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हरदो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सीएचसी जहानाबाद,हथगाम, हुसैनगंज, सराय खालिस, खखरेरू, गाजीपुर , धाता,  अमौली एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हसवा, असोथर, बहुआ, भिटौरा, तेलियानी, देवमई, गोपालगंज , विजईपुर में प्रसव की सुविधा का लाभ गर्भवती महिलाओं को चौबीसों घंटे मिल रहा हैं। साथ ही जिला महिला चिकित्सालय और बिंदकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीजेरियन की सुविधा भी उपलब्ध है, जल्दी ही हथगाम एवं खागा सी एच सी में सिजेरियन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जननी सुरक्षा योजना के नोडल अधिकारी डा0 एसपी जौहरी ने बताया कि सरकार की मंशा है कि गर्भवती महिलाओं का सुरक्षित प्रसव कराया जाये इसी के तहत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर इंतजाम है। आशायें व आंगनबाडी कार्यत्रियां भी गर्भवती महिलाओं की नियमित देखरेख करती है। जिला मातृ स्वास्थ्य  परामर्शदाता आलोक कुमार ने बताया कि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को संस्थागत सुरक्षित प्रसव का लाभ दिलाया जा रहा हैं, इसके लिए प्रत्येक प्रसव केंद्रों को और अधिक उन्नतशील किया जा रहा है तथा स्टाफ को समय समय पर विभिन्न प्रशिक्षण भी प्रदान किए  जा रहे है जिससे जच्चा बच्चा को सभी आवश्यक जरूरी सुविधाएं वा सुरक्षित माहौल प्राप्त हो सकें। 

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क्या बोले लाभार्थी :सनगांव की रहने वाली राबिया ने बताया कि गर्भवती होने के बाद वह जिला महिला चिकित्सालय गई और जांच कराई। उन्होंने नियमित जांच और दवाओं का सेवन किया। इसके बाद जिला महिला चिकित्सालय में नार्मल डिलीवरी हुईं। अब वह और उनका बेटा पूरी तरह स्वस्थ है। चंदीपुर गांव की रहने वाली राधिका ने बताया कि उनके नजदीक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हुसैनगंज है। गर्भवती होने के बाद उन्होंने अपना इलाज स्वास्थ्य केंद्र में कराया और चिकित्सक की परामर्श से दवाओं का सेवन किया। उनका प्रसव हुसैनगंज स्वास्थ्य केंद्र में हुआ। अब वह और उनका बच्चा स्वस्थ्य है।