स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू के जांच और इलाज की सुविधा निःशुल्क

 स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू के जांच और इलाज की सुविधा निःशुल्क



जिले में इस वर्ष अब तक मिले 55 मरीज


फतेहपुर। जनपद के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू के इलाज की सुविधा मुफ्त उपलब्ध है। यदि किसी को डेंगू का लक्षण है तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाए। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर भी किया जाता है। इस वर्ष अब तक 55 डेंगू मरीज मिले हैं।    

 मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 राजेंद्र सिंह ने जन समुदाय से अपील की है कि डेंगू से डरने नहीं बल्कि सतर्क रहने की आवश्यकता है। लक्षण नजर आते ही अगर अस्पताल की सेवायें ली जाये ंतो बीमाारी गंभीर नहीं होने पायेगी। मुधमेह, उच्च रक्तचाप, हृरदय रोग, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के मरीज व गर्भवती डेंगू के लक्षण दिखते ही अविलंब अस्पताल की सेवा लें ऐसे मरीजों में डेंगू के कारण जटिलतायें बढने की आशंका रहती है।

उन्होंने कहा कि डेंगू तो साधारण बीमारी है लेकिन इलाज में लापरवाही से यह गंभीर रूप अख्तियार कर लेता है। अगर अचानक बुखार के साथ आंखों के पीछे तेज दर्द हो तो मरीज को डेंगू की जांच अवश्य करानी चाहिये। बुखार की स्थिति में चिकित्सक के सलाह पर ही दवा लेनी है। खून पतला करने वाली दवा का सेवन सिर दर्द होने पर बिल्कुल नहीं करना है क्योंकि यह विपरीत असर करती है और जानलेवा साबित होती है। डेंगू का प्रसार काफी अधिक है और यही मुख्य चिंता का विषय है। इसलिये डेंगू का लक्षण दिखने पर त्वरित इलाज होना चाहिये ताकि दूसरे लोग संक्रमित न होने पाये।

कहा कि लोगों में यह भ्रम है कि डेंगू के मरीज को प्लेटलेटस की आवश्यकता होती है। किसे प्लेटलेट चढना है और किसे नहीं चढना है यह अलग अलग केस पर निर्भर करता है। अगर मरीज सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर आता है तो उसे प्लेटलेट चढाने के लिये या गंभीर स्थिति में ही जिला अस्पताल में रेफर किया जायेगा। संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा0 के0के0 श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में इस साल से लेकर अब तक अक्तूबर तक डेंगू के 55 मामले आये है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है डेंगू के लिये अलग बेड भी रिजर्व रखने का दिशा निर्देश है। स्वास्थ्य केंद्रों पर एनएस - 1 जांच में डंेगू की पुष्टि होने पर सैंपल जिला अस्पताल मंगाया जाता हे। और जब एलाइजा टेस्ट भी कंपफर्म हो जाता है तो उसे पुष्ट डेंगू मानते है। निजी अस्पतालों से कहा गया है कि यदि उनके यहां भी डेंगू के मरीज निकल रहे हैं तो रिर्पाेट दें। जहां कहीं से भी डेंगू के केस निकलने की सूचना प्राप्त हो रही है वहां मच्छरों के स्रोतों को नष्ट करने की कार्यवाही भी की जा रही है।