अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलात्कार एवं पाक्सो एक्ट की अध्यक्षता में जिला कारागार का निरीक्षण एवं विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया

 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलात्कार एवं पाक्सो एक्ट की अध्यक्षता में जिला कारागार का निरीक्षण एवं विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया



फतेहपुर।जिला विधिक सेवा प्रधिकरण फतेहपुर, सचिव पूर्ण कालिक अनुराधा शुक्ला ने बताया कि उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फतेहपुर अशोक कुमार सिंह-तृतीय के दिशा निर्देशन तथा अनुभव द्विवेदी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बलात्कार एवं पाक्सो एक्ट की अध्यक्षता में जिला कारागार, फतेहपुर का निरीक्षण एवं विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। 

विधिक जागरुकता शिविर कार्यक्रम में श्रीमती अनुराधा शुक्ला सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फतेहपुर, जेल अधीक्षक  मो0 अकरम खान, डिप्टी जेलर अंजनी कुमार  पैनल अधिवक्ता, महेश कुमार, राम करन, मो0 तारिक,अमर नाथ कैथल उपस्थित रहे।

अनुभव द्विवेदी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फतेहपुर द्वारा विधिक जागरुकता शिविर में सभी जेल-पी.एल.वी. को विधिक नियमो के बारे में विस्तार से जानकारी दिया गया, साथ ही निःशुल्क विधिक सेवाओ के कार्य हेतु प्रशिक्षण दिया गया, एवं इनके मध्य जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से कार्यरत सभी पी.एल.वी. को परिचय पत्र वितरित किया गया।

प्रशिक्षण में उपस्थित पैनल अधिवक्ता द्वारा जेल में निरुद्ध अपने-अपने नामित बंदियो से मुलाकात किया एवं उनकी समस्या को सुना और उनके मुकदमे की स्थिति के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी।

 श्रीमती अनुराधा शुक्ला सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फतेहपुर द्वारा उपस्थित सभी बंदियो के मध्य यह बताया गया कि सभी को अपने अधिकारो के प्रति जागरुक होना चाहिये, जिसके लिये शिक्षा बहुत जरुरी है। निरुद्ध बंदियो को जेल अपील के बारे में जानकारी दी गयी। सचिव द्वारा बताया गया कि जेल में निरुद्ध बंदियो को किसी भी प्रकार की विधिक सहायता की आवश्यकता हो तो वह जेल में स्थापित लीगल एड क्लीनिक में सम्पर्क कर अपनी समस्या का निराकरण करा सकते है। 

अनुभव द्विवेदी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फतेहपुर द्वारा शिविर में बताया गया कि यदि जेल में निरुद्ध किसी बंदी के पास अधिवक्ता नही है तो वह जरिये जेल अधीक्षक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रार्थना पत्र प्रेषित कर सकते है जिस पर उन्हे निःशुल्क अधिवक्ता मिल जायेगा। सभी बंदियो से प्रातः काल में मिलने वाले भोजन एवं अन्य समस्याओ के बारे में जानकारी पूछी गयी जिसमें सभी बंदियो ने रोटी, चावल, चना की दाल व आलू मूली की सब्जी मिलना बताया गया है।