अपनी बच्ची के जन्म को अभिशाप नही बल्कि वरदान समझें - जिलाधकारी

 अपनी बच्ची के जन्म को अभिशाप नही बल्कि वरदान समझें -  जिलाधकारी 



रिपोर्ट - श्रीकान्त श्रीवास्तव


बाँदा - मिशन शक्ति अभियान तृृतीय के अन्तर्गत बेटी पढाओ-बेटी बचाव के तहत नवेल-बुन्देली कन्या जन्मोत्सव अभी तक जनपद में 25 दिसम्बर, 2021 से 28 फरवरी, 2022 तक 2273 नवजात बच्चियों ने जन्म लिया है और इन सभी का जन्मोत्सव बडे धूम-धाम व उत्सव के साथ केक काटकर मनाया गया है। उपरोक्त जानकारी जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने नवेली-बुन्देली की सम्पन्न बैठक कलेक्टेªट सभागार में दी।

जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने समीक्षा करते हुए श्रम विभाग द्वारा संचालित मातृत्व शिशु एवं बालिका प्रोत्साहान योजना के अन्तर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के नवजात बच्चियों के जन्म पर जो पंजीकरण कराया जाना था उसमें प्रगति बहुत ही खराब थी। श्री पटेल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया कि एक सप्ताह में पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शीघ्र अवगत कराया जाए अन्यथा कार्यवाही हेतु शासन को पत्राचार किया जायेगा। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए समस्त एम0ओ0आई0सी0 को निर्देशित किया कि अपने-अपने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर जच्चा एवं बच्चा का टीकाकरण शीघ्र कराकर शासन की योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना, जननी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना इत्यादि योजनाओं सेे नवजात बच्चियों तथा उनके माता-पिता एवं दादा-दादी को शासन से संचालित योजनाओं से लाभान्वित कराना सुनिश्चित करें जिससे समाज के लोग अपनी बच्ची के जन्म को अभिशाप नही बल्कि वरदान समझें। इसी प्रकार उपरोक्त कार्यक्रम में लगे समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपरोक्त कार्यक्रम को सक्रियता के साथ चलाया जाए जिससे बेटियां पढ-लिखकर सशक्त बनेंगी और उनसे हम सभी लोंगो को दुआयें मिलेंगी।

बैठक में ज्वाइंट मजिस्टेट/जिला प्रोबेसन अधिकारी सुधीर कुमार, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) उमाशंकर त्रिपाठी, अपर जिलाधिाकरी नमामि गंगे, अपर जिलाधिाकरी एम0पी0सिंह, नगर मजिस्टेªट केशव नाथ गुप्ता, जिला विकास अधिकाारी रवि किशोर त्रिवेदी, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी रामपाल, डिप्टी कलेक्टर प्रशिक्षु सौरभ यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी विजय तिवारी सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।