मीटर रीडर से त्रस्त नगर वासियों ने दिया विद्युत विभाग को लिखित शिकायती पत्र

 मीटर रीडर से त्रस्त नगर वासियों ने दिया विद्युत विभाग को लिखित शिकायती पत्र



फतेहपुर। जनपद फतेहपुर के शहर कोतवाली क्षेत्र के राधा नगर,तथा विष्णुपुरी कॉलोनी में आज लंबे अरसे से मीटर रीडर अवध नारायण यादव बिजली का बिल निकाल रहे हैं। काफी दिनों से यह पाया गया है कि मीटर रीडर अवध द्वारा लोगों के गलत तरीके से बिल निकाले जा रहे हैं राधा नगर पश्चिमी नई बस्ती में कई घरों में तो 10000 से ₹15000 एक महीने का बिल निकाल दिया गया। उपभोक्ताओं ने जब इसकी शिकायत मीटर रीडर अवध नारायण यादव से की तो उन्होंने कहा कि बिजली ऑफिस चले जाइए और वहां से बिल सही करवा कर जमा कर दीजिए। ऐसा एक दो लोगों के साथ नहीं बल्कि 3 दर्जन से ज्यादा उपभोक्ताओं के साथ किया जा चुका है। मीटर रीडर अवध नारायण द्वारा उन घरों का बिजली का बिल न्यूनतम निकाला जाता है जिन घरों से खर्च के रूप में 50 से ₹100 मिलते हैं तथा जिन घरों से रुपया नहीं मिलता है उनके बिलों में गड़बड़ी की जाती है। तथा जिन घरों से रुपया नहीं मिलता है उनके मीटर तो घरों के बाहर लगवाए गए हैं किंतु जिन से प्रतिमाह खर्च मिल रहा है उनके मीटर आज भी घरों के अंदर लगे हुए हैं। कई घरों में तो रीडिंग डंप कर दी जाती है जिससे कुछ समय पश्चात इकट्ठे बिजली का बिल 15000 से ₹20000 आता है। जिससे उपभोक्ताओं को विद्युत बिल जमा करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उपभोक्ता जब भी विद्युत विभाग द्वारा अपने बिल की जांच करा कर उसे सही करवाने के लिए चक्कर लगाते हैं तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है आपके मीटर का बिल डंप था और बिल सही कट कर आया है, इसमें अब कुछ नहीं हो सकता है आपको पूरा बिल जमा करना पड़ेगा।आखिरकार मीटर रीडर की गलती का हर्जाना उपभोक्ताओं को क्यों भरना पड़ रहा है।क्या इसी तरह विद्युत उपभोक्ताओं को मीटर रीडर की गलतियों का जुर्माना भरना पड़ेगा। या फिर विद्युत विभाग इस पर कोई कार्यवाही करेगी फिलहाल तो राधा नगर वासियों ने मीटर रीडर अवध नारायण को राधा नगर से हटाकर किसी नए मीटर रीडर को रखे जाने की मांग की है। अब देखना यह है कि विद्युत विभाग कितना सक्रिय होकर इस कार्य को अंजाम दे पाता है। क्या नए मीटर रीडर की नियुक्ति राधा नगर में हो पाएगी या फिर अवध नारायण द्वारा निकाले जा रहे गलत बिलों को लेकर लोगों को विद्युत विभाग के चक्कर काटने पड़ेंगे।