शहर को जाम से मुक्ति दिलाने हेतु मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

 शहर को जाम से मुक्ति दिलाने हेतु मुख्यमंत्री को लिखा पत्र 



रिपोर्ट - श्रीकान्त श्रीवास्तव 


बांदा -  भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष ,जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी जीतू  के द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि चित्रकूट धाम मंडल बांदा मुख्यालय रोज-रोज के जाम लगने से बुरी तरह व्त्रस्त  है। आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है ।त्योहारों में महिलाओं बच्चों बुजुर्गों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। स्कूलों से आने वाले बच्चे दो दो दो  घंटे जाम में फंसे रहते हैं।  पूरा शहर जाम से कराह रहा है।

 श्री त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि बीते वर्षों में बांदा शहर के अंदर 2 ओवर ब्रिज और एक अंडर ब्रिज का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा है कि इन तीनों ब्रिज की गुणवत्ता का कोई प्रश्न नहीं है।बल्कि उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि यह जो तीनों ब्रिज बनाए गए हैं क्या वास्तव में बांदा के आम नागरिकों, व्यापारियों, राजनेताओं के हितों की रक्षा को ध्यान में रखकर और प्रतिदिन पूरे शहर में लगने वाले जाम को निजात दिलाने के पहलू पर विचार करते हुए बनाए गए हैं?अथवा नहीं श्री जीतू ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि प्रदेश की उत्कृष्ट निर्माण कार्य दाई संस्था के माध्यम से बांदा शहर में बने तीनों ब्रिज का भौतिक सत्यापन एवं तकनीकी डिजाइन की जांच कराई जाए तथा देखा जाए कि वास्तव में प्रदेश सरकार के द्वारा इतनी बड़ी धनराशि राजस्व खर्च करके जो ब्रिज बनवाए गए हैं ।क्या उनसे वास्तव में शहर के अंदर दिन प्रतिदिन लगने वाले जाम से मुक्ति मिली है अथवा नहीं। यदि उत्कृष्ट कार्रवाई संस्था की भौतिक जांच में यह पाया जाए कि इन ओवर ब्रिज की डिजाइन में आंशिक रद्ददो बदल, संशोधन अथवा पुनर्निर्माण किया जा सकता है तो संपूर्ण जनहित और लोकहित में बांदा शहर वासियों को दिन प्रतिदिन के जाम लगने से हो रही परेशानियों का निवारण कराए जाने के लिए कुछ परिवर्तन कराया जाए।

पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा  ने योगी जी को भेजे पत्र की एक प्रति लिपि नितिन गडकरी परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार को भी भेजते हुए अनुरोध किया है कि बांदा शहर के अंदर बने तीनों ब्रिज की डिजाइन की तकनीकी जांच कराई जाए। और पूरे शहर के अंदर हर जगह लगने वाले जाम से स्थाई रूप से निजात दिलाने वाली कार्यवाही की जाए।