आगे का समय ऐसा दिखाई पड़ रहा है कि बोरा भरकर नोट लाएंगे और अनाज झोला भर भी नहीं मिलेगा

 आगे का समय ऐसा दिखाई पड़ रहा है कि बोरा भरकर नोट लाएंगे और अनाज झोला भर भी नहीं मिलेगा



सरकारों का भी राशन का स्टाक होगा खत्म, सरकारें कितना करेंगी, कहां से लाएगी


ख़राब समय में जयगुरुदेव नाम की ध्वनि बोलने से हर हालत में होगी बचत


उज्जैन (मध्य प्रदेश)।आने वाले विकराल कष्टमय समय से समय रहते चेताने वाले और तकलीफ में आराम मिलने का उपाय सभी को एडवांस में बताने वाले इस समय के त्रिकालदर्शी पूरे समरथ सन्त सतगुरु उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 1 अप्रैल 2020 सायंकाल उज्जैन आश्रम में दिए संदेश में बताया कि हमको तो वो समय दिखाई पड़ रहा है कि बोरा भरकर रुपया लाएंगे और झोला भरकर भी अनाज नहीं मिलेगा। और मिलेगा भी तो दूसरे लोग देखते रहेंगे, छीन कर भाग जाएंगे, वो समय आ रहा है। उसे आदमी अभी समझ नहीं रहा है जब आमदनी बंद हो जाएगी तब महसूस होगा।

   

*अधिकारी कर्मचारी राजनेता सब कुर्सियां छोड़ कर भग जाएंगे, ऐसा समय दिखाई पड़ रहा* 


सरकार कितना करेगी, कहां से करेगी? राशन का स्टॉक खत्म हो जाएगा और ये सरकारें भी थक जाएंगी करते-करते। कुर्सियां छोड़ करके ये भगेंगे चाहे अधिकारी हों, चाहे कर्मचारी हों, राजनेता हों,  थक जाएंगे।

 

*कोरोना की कहर देखा, अगर लोग नहीं सम्भले तो सजा देने के उसके पास बहुत तरीके हैं*

   

कोरोना में परिवार के लोग, कलेजे के टुकड़े जिनको कहते हैं, तड़प-तड़प करके शरीर छोड़ रहे हैं लेकिन अंतिम समय में हाथ-पैर पकड़ करके रो भी नहीं सकते, ऐसी बीमारी (कोरोना) आ गई। 4 लोगों के परिवार में 3 खत्म तो उनका सामान, कपड़े देख कर रोता अफसोस करता है कि हम केवल दुनिया बनाने में लगे रहे, इनका दीन बनाना चाहिए। ये भी उसी में फसें रहे, चले गए। अब अपनी मौत याद आ रही है। और अगर लोग सम्हलेंगे नहीं तो कहते है जब वो सजा देने लगता है तो बहुत तरह का हो जाता है सजा। तो सजा से प्रेमियों बचना है। अपनी-अपनी गलती की सब लोगों को माफी मांगने की जरूरत है। उसके नियम-कानून जानने-समझने की जरूरत है जिससे अपना भी भला हो और दूसरों की भी भलाई आप कर सको।


*जयगुरुदेव नाम की ध्वनि बोलने से तकलीफों में मिलेगी राहत* 


जयगुरुदेव नाम प्रभु का नाम है और तकलीफ में इस नाम से राहत मिलेगी। लोगों को रटाओ, याद दिलाओ। जितने भी लोग धर्म को मानने वाले हैं सब लोग आज से ही यह संकल्प बनाओ कि रोज एक घंटा सुबह-शाम अपने भगवान को, अपने देवता को, अपने अल्लाह मियां को, अपने गुरू को, अपने सतगुरु को याद करेंगे।


*आपके गुरु ने मंत्र बताया उसको भी जपो, लेकिन थोड़ी देर जयगुरुदेव नाम का भी जाप कर लो* 


जैसे आपके गुरू ने बताया वैसे याद करोगे। जो लोग गुरू नहीं किए हो, माता-पिता, बड़े-बूढ़े, बुजुर्गो ने बताया है कि ये भगवान हैं तो उनको याद करो क्योंकि उन पर आपको ज्यादा विश्वास है। आपके गुरु जो भी हों, जो मंत्र उन्होंने बताया हो उसको जपो, याद करो। लेकिन थोड़ी देर इस जयगुरुदेव नाम का भी जाप कर लो क्योंकि ये प्रभु का जीता जागता नाम है, मुसीबत में मददगार नाम है।


*मेरे कोई अपना बच्चा नहीं लेकिन आध्यात्मिक दृष्टिकोण से मैं सबको अपना मानता हूं, आपके लिए मुझे दर्द तकलीफ है* 


आप मेरी बात पर विश्वास करो। मेरे अपने कोई बच्चा नहीं है लेकिन आध्यात्मिक दृष्टिकोण से ही आप सबको अपना बच्चा समझता हूँ। जिस तरह से लोग अपने बच्चों को प्रेम करते हैं उसी तरह से हमें आप से प्रेम है, आपके लिए दर्द है। आपके लिए उपाय बता रहा हूं। जयगुरुदेव नाम बोलो, जयगुरुदेव नाम ध्वनि बोलो लेकिन अपने शरीर को पाक साफ रखो। शाकाहारी नशामुक्त रह कर जपो और जिन प्रेमियों को नामदान मिला गया है सुमिरन ध्यान भजन करो क्योंकि समय विकराल आ रहा है, खराब आ रहा है।


*सन्त उमाकान्त जी के वचन*


समय के समरथ सतगुरु से राय लेकर काम करने पर राजा-प्रजा दोनों सुखी रहते हैं। सच्चे सन्त के सतसंग में जाने से श्रद्धा, भाव-भक्ति के अनुसार कामना भी पूरी होती है। सच्चे महात्मा के मार्गदर्शन में चलने पर लोगों में आत्मबल आत्मशक्ति जो होती थी, आज भी संभव है। कलियुग में बिना नाम की कमाई के, उद्धार का और कोई दूसरा उपाय नहीं है।