पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ते दाम, बढ़ती महगाई से जनता परेशान

 पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ते दाम, बढ़ती महगाई से जनता परेशान



रिपोर्ट - श्रीकान्त श्रीवास्तव 


बांदा -  पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। लगभग 5 रुपये  की बढ़ोतरी हो चुकी है जनपद में चुनाव से पहले ₹96 कुछ पैसे पेट्रोल था तो वहीं डीजल ₹89 कुछ पैसे था आज की बात करें तो पेट्रोल के दाम जनपद में ₹102 .74 पैसे वहीं डीजल की बात करें तो डीजल के दाम ₹94. 26 पैसे है जो कि साफ देखा जा सकता है कि चुनाव के बाद कितने रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है अगर ऐसे ही बढ़ोतरी जारी रही तो आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा क्योंकि डीजल के दामों से ट्रांसपोर्ट का भाड़ा बढ़ जाएगा जिससे बाजार में मिलने वाले हर सामग्री महंगी हो सकती है जिसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ेगा वही बात पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों की करें तो चुनाव के समय पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बड़े जैसे ही विधानसभा चुनाव खत्म हुए तेल कंपनियां के द्वारा पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं।  आखिर सवाल यह उठता है कि अगर तेल कंपनियां ही दाम निर्धारित करती हैं तो चुनाव के समय पेट्रोल और डीजल के दाम क्यों नहीं बड़े कुल मिलाकर सरकार के द्वारा जनता को राहत दी जानी चाहिए और पेट्रोल और डीजल के दामों की बढ़ोतरी पर रोक लगाई जानी चाहिए तेल कंपनियों के द्वारा पिछले 4 महीनों में  तेल के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं उसकी भरपाई करने में जुटी हुई है हालांकि यूक्रेन और रूस के युद्ध के कारण कच्चे तेल के आयात में आ रही दिक्कतों के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं लेकिन इस पर सरकार को कुछ ना कुछ कदम उठाने चाहिए कि आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ न पड़े क्योंकि लगातार 3 वर्षों से लोग कोरोना महामारी के कारण काफी लोग बेरोजगार हैं  इस साल कुछ बिजनेस की शुरुआत हुई है लेकिन महंगाई की मार पढ़नी शुरू हो गई है जैसे कि रसोई गैस में ₹50 का इजाफा किया गया है वही पेट्रोल डीजल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं अब देखने वाली बात यह है कि सरकार के द्वारा जनता को कुछ राहत दी जाएगी या ऐसे ही पेट्रोल डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ते रहेंगे