स्थलीय जांच में गायब कैटल सेड तंत्र बचानें में जुटा!

 स्थलीय जांच में गायब  कैटल सेड तंत्र बचानें में जुटा!



फाइलों में दफन हो जाएगा काउ शेड या होगी कार्यवाही ?


ब्लाक के महोदय की कृपा पर ठिठकी जांच रिपोर्ट, जुगाड़ी मैनेज मेंट में जुटे


लाभार्थी के बयान बदलवाने की कोशिश, स्थलीय निरीक्षण जांच के वीडियो लीक, बचाने को लेकर लीपापोती शुरु


फतेहपुर। भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गया काउ शेड को लेकर सख्त योगी सरकार के नाक के नीचे से राष्ट्रीय मनरेगा योजनांतर्गत कैटल सेड भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। आपको बता दें की मामला मलवां ब्लाक के उमरौडी कल्यानपुर ग्राम पंचायत का है। जंहा कैटल सेड पात्र लाभार्थी को न देकर आरोप है कि रोजगार सेवक व तत्कालीन सचिव पूर्व प्रधान की तिकड़ी नें धांधली कर सरकारी धन का दुरपयोग किया गया जंहा लाखों का कैंटल सेट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़  गया शिकायत के बाद मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल  द्वारा भ्रष्टाचार के मामले को संज्ञान में लेकर सख्त कार्रवाई के संकेत देते हुए जांच के निर्देश दिए गए थे। जहां शुक्रवार को  लाभार्थी के घर जांच को अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी रवीन्द्र सिंह ने स्थलीय निरीक्षण को पहुंचे थे जहां मौके से कैटल सेड लाभार्थी के घर नहीं मिला। शिकायत के आधार पर जांच अधिकारी पूर्व प्रधान का कैटल सेड भी देखा फोटो , वीडियो भी बना कर बयान लिए गए जो थोड़ी देर बाद ही लीक हो गए। रिपोर्ट C.D.O आफिस  बुद्धवार को भेजने के निर्देश पर जानकारी मिलते ही भ्रष्ट तंत्र सक्रिय हो गया। ब्लाक के एक महोदय की कृपा के चलते जांच रिपोर्ट ठिठक गई  विभागीय सूत्रों की मानें तो मौखिक रुप दो दिन में रोजगार सेवक व सचिव को नोटिस का जवाब देना था सूत्र बताते हैं कि मामले को 6 वर्ष पुराना बता कर गुमराह कर जांच को भ्रमित करने का प्रयास हो रहा है। जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में भुगतान व आइडी फीड की गई हद तो तब हो गई जब  तिकड़म बाजों नें महिला पर बयान बदलने का दबाव बनाने का प्रयास किया। सफलता न मिलने पर सफेद पोश माननीयों के साथ विभागीय आकाओं की गणेश परिक्रमा में कमाऊ पूत लग गए जिससे मुक्ति मिल सके। बड़ा सवाल यह है कि C.D.O की सख्ती का प्रभाव दिखेगा या फिर  मैनेज मेन्ट की भेंट जांच की रिपोर्ट चढ़ जाएगी ?

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